Matru Navami 2026:पितृ पक्ष की नवमी तिथि को मातृ नवमी के रूप में जाना जाता है। यह दिन माता, दादी, नानी, परदादी और परिवार की दिवंगत मातृशक्ति को श्रद्धापूर्वक याद करने और उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने के लिए विशेष माना जाता है।लेकिन अगर किसी कारण से मातृ नवमी के दिन श्राद्ध, तर्पण या पिंडदान नहीं हो पाए तो क्या करना चाहिए? क्या इससे पितृ नाराज या रुष्ट हो जाते हैं? ऐसी स्थिति में हिंदू परंपरा और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार कौन से विकल्प अपनाए जा सकते हैं?