Yogini Ekadashi Niyam 2026: योगिनी एकादशी का व्रत करने से व्यक्ति को 88 हजार ब्राह्मणों को भोजन कराने के बराबर पुण्य फल प्राप्त होता है. यह व्रत जाने-अनजाने में हुए पापों के प्रभाव को नष्ट करता है. पौराणिक कथाओं के अनुसार, कुबेर देव के सेवक हेममाली को शिव जी के शाप से कुष्ठ रोग हो गया था. तब मार्कण्डेय ऋषि के कहने पर उसने योगिनी एकादशी का व्रत किया, जिसके प्रभाव से वह पूरी तरह रोगमुक्त और रूपवान हो गया. इसलिए शारीरिक कष्टों और बीमारियों से मुक्ति के लिए यह व्रत अचूक माना जाता है.Yogini Ekadashi Niyam 2026: Yogini Ekadashi Ke Din Kya Kare Kya Nahi,Vrat Puja Se Kya Fal Milega ?