Kanya Pujan 2026: शारदीय नवरात्र के उपवास के बाद कन्या पूजन से ही व्रत की पूर्णता मानी जाती है। इस दौरान भक्त नौ दिनों तक माता दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों की पूजा करते हैं और अष्टमी या नवमी तिथि के दिन कन्याओं को श्रद्धा पूर्वक पूजा जाता है और उन्हें भोजन कराया जाता है। इस दौरान पूजी जाने वाले नौ कन्याओं को माता दुर्गा के नौ रूपों से जोड़ा जाता है। कन्या पूजन के दिन लोग अपने घरों में छोटी कन्याओं को आमंत्रित करते हैं और श्रद्धा पूर्वक उनके पैर धोकर उन्हें उचित आसन पर बैठाकर उनका पूजन करते हैं। इस दिन मुख्य रूप से हलवा और चने का भोग कन्याओं को लगाया जाता है।Kanya Pujan 2026: Is Saal Ashtami Ya Navami Kanya Pujan Kab Kare,Sahi Tithi aur Muhurt..