Guru Asta 2026: देवगुरु बृहस्पति को ज्ञान, धर्म, भाग्य, विवाह, संतान और समृद्धि का कारक ग्रह माना जाता है. जब बृहस्पति सूर्य के अत्यधिक निकट पहुंच जाते हैं तो उनकी यह अवस्था गुरु अस्त कहलाती है. ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार इस दौरान गुरु का शुभ प्रभाव कमजोर हो जाता है, इसलिए कई मांगलिक और शुभ कार्यों के लिए मुहूर्त नहीं निकाले जाते. साल 2026 में देवगुरु बृहस्पति 16 जुलाई से 9 अगस्त तक अस्त रहेंगे. लगभग 30 दिनों तक रहने वाली इस अवधि में नए शुभ कार्यों की शुरुआत करने के बजाय पूजा-पाठ, दान और आध्यात्मिक साधना पर अधिक ध्यान देने की सलाह दी जाती है हालांकि यह पूरी तरह धार्मिक और ज्योतिषीय मान्यताओं पर आधारित है. दैनिक जीवन के जरूरी काम, नौकरी, पढ़ाई, इलाज और यात्रा जैसे कार्य सामान्य रूप से किए जा सकते हैं.Guru Asta 2026: Varjit Karya Kya Kya Hai,Kya Karna Chahiye Kya Nahi ?