Rangbhari Ekadashi 2026: रंगभरी एकादशी फाल्गुन माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को मनाई जाती है. रंगभरी एकादशी के नाम से ही आप जान सकते हैं कि इस एकादशी का संबंध रंगों से है. इस एकादशी में भगवान विष्णु की पूजा नहीं करते हैं. वैसे अन्य सभी एकादशी व्रत में श्रीहरि विष्णु की पूजा होती है. रंगभरी एकादशी के दिन भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा अर्चना करते हैं. इस एकादशी का महत्व शिव की नगरी काशी में अधिक माना गया है. काशी विश्वनाथ मंदिर में भगवान शिव और माता गौरी की विशेष पूजा की जाती हैं, उनको रंग और गुलाल अर्पित करते हैं. उसके बाद माता गौरी भगवान शिव के साथ नगर भ्रमण पर निकलती हैं, तो उस समय नगरवासी रंग और गुलाल से शिव-शक्ति का स्वागत करते हैं.Rangbhari Ekadashi 2026: Rangbhari Ya Amalaki Ekadashi Me Kiski Puja Karni Chahiye ?