Ramadan 2026: रमजान में तरावीह की नमाज पढ़ने का विशेष महत्व माना जाता है। इसे ईशा की नमाज के बाद पढ़ा जाता है जिसमें कुल 20 रकात होती है। हर दो रकात के बाद सलाम फेरा जाता है। इस नमाज के जरिए मुस्लिम लोग अपने परिजनों की सलामती की दुआ करते हैं। इस्लामिक धार्मिक मान्यताओं अनुसार जो कोई भी तरावीह की नमाज करता है उसके घर में बरकत होती है। चलिए जानते हैं इस नामत को पढ़ने का सही तरीका और इसकी दुआ।