Panchdhuni Agni Tapasya: श्री श्री 1008 माता सती नंदगिरी (उज्जैन महामंडलेश्वर, अंतर्राष्ट्रीय किन्नर अखाड़ा) द्वारा गुजरात के बाबरा (अमरेली) में 7 दिवसीय पंचधुनी अग्नि तपस्या की जाती है | इस कठिन आध्यात्मिक साधना में भीषण गर्मी के बीच चारों ओर प्रज्वलित धुनों (अग्नि) के साथ सूर्य की धूप के बीच घंटों तक ध्यान और तप किया जाता है |यह तपस्या प्राचीन और गूढ़ हिंदू आध्यात्मिक परंपराओं का एक अनूठा उदाहरण है। इस साधना के मुख्य पहलू इस प्रकार हैं: तपस्या का स्वरूप: इस साधना में साधिका चारों ओर पाँच धुनें (अग्निकुंड) प्रज्वलित करती हैं। चिलचिलाती गर्मी के साथ इन अग्निकुंडों की भीषण ऊष्मा के बीच बैठकर घंटों तक ध्यान किया जाता है。 भौगोलिक स्थिति: यह अनुष्ठानिक साधना गुजरात के अमरेली जिले के अंतर्गत आने वाले बाबरा क्षेत्र में स्थित मंगलमुखी धाम किन्नर अखाड़ा आश्रम में संपन्न होता है。 आध्यात्मिक उद्देश्य: इस प्रकार की प्रचंड अग्नि तपस्या का उद्देश्य आंतरिक चेतना को जागृत करना, इंद्रियों पर पूर्ण विजय प्राप्त करना और सांसारिक मोह-माया से ऊपर उठकर ईश्वर के प्रति संपूर्ण समर्पण साधना करना होता है।Panchdhuni Agni Tapasya: Tapati Garmi Me Panchdhuni Agni Tapasya Ka Rahasya,Mata Sati Nandgiri Kaun Hai ?