Kajari Teej Vrat Vidhi 2026: हिंदू धर्म में कजरी तीज का विशेष महत्व है. ये पर्व हर साल भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि को मनाया जाता है. इसे कजली तीज, सातुड़ी तीज, बड़ी तीज और बूढ़ी तीज के नाम से भी जाना जाता है. इस दिन सुहागिन महिलाएं और कुंवारी कन्याएं भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करती हैं. अखंड सौभाग्य और अच्छे वर की कामना के लिए ये निर्जल व्रत रखा जाता है. शाम को नीमड़ी यानी नीम की टहनी की पूजा होती है और चंद्रमा को अर्घ्य देकर व्रत खोला जाता है. चलिए बताते हैं कजरी तीज की व्रत विधि और उपवास में क्या खाएं क्या नहीं.