Guru Pushya Yog 2026: यह सबसे शुभ नक्षत्रों में से एक माना जाता है. इसके बावजूद इस नक्षत्र में वैवाहिक कार्य नहीं होते हैं जबकि अन्य सभी शुभ कार्य इस नक्षत्र में किए जा सकते हैं. इस नक्षत्र (Nakshatra) में जन्मे लोग काफी धार्मिक प्रवृत्ति के होते हैं. पुष्य नक्षत्र के देवता देव गुरु बृहस्पति (Brihaspati) हैं.गुरु पुष्य अमृत योग ज्योतिष शास्त्र में सबसे शुभ और दुर्लभ योगों में से एक है, जो तब बनता है जब गुरुवार के दिन पुष्य नक्षत्र का संयोग होता है। इसे "नक्षत्र सम्राट" भी कहा जाता है और यह खरीदारी, नया व्यवसाय शुरू करने, निवेश करने और पूजा-पाठ के लिए अत्यंत फलदायी माना जाता है। यह योग साल में कुछ ही बार बनता है।Guru Pushya Yog 2026: Guru Pushya Amrit Yog Me Janme bacche kaise hote hai,swabhav,career..