Chinnamasta Jayanti 2026: माँ छिन्नमस्ता (Chinnamasta) दस महाविद्याओं में से छठी उग्र देवी हैं, जिनका सिर कटा हुआ है और वे स्वयं अपना कटा मस्तक हाथ में लिए हुए हैं। कथा के अनुसार, सहेलियों (जया-विजया) की तीव्र भूख मिटाने के लिए माता पार्वती ने स्वयं का मस्तक काटकर अपना रक्त उन्हें पिलाया, जो आत्म-बलिदान, करुणा और जीवन-मृत्यु के चक्र का प्रतीक है।Chinnamasta Jayanti 2026: Chinnamasta Devi ki Kahani,Kiski Rachana Hai,Photo,Arth,Katha In Hindi..