By : BoldSky Video Team
Published : September 13, 2021, 02:10
Duration : 01:44

राधा अष्टमी 2021: राधा अष्टमी व्रत से क्या फल मिलता है | राधा अष्टमी व्रत महत्व

Radha Ashtami Date 2021: भादो मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि सनातन धर्म में बेहद विशेष मानी गई है। हिंदू धर्म शास्त्रों के अनुसार, इस दिन भगवान श्री कृष्ण की प्रियतमा राधा रानी का जन्म हुआ था। इस तिथि को राधा अष्टमी या राधाष्टमी के नाम से भी जाना जाता है। जन्माष्टमी से ठीक 15 दिन बाद राधाष्टमी पड़ती है। जैसे राधा के बिना श्याम अधूरे हैं, ठीक वैसे ही राधा अष्टमी के व्रत के बिना जन्माष्टमी का व्रत अधूरा है। मान्यताओं के अनुसार, जो भक्त राधाष्टमी पर व्रत रखता है तथा विधि अनुसार राधा-कृष्ण की पूजा-उपासना करता है, उसे जन्माष्टमी के व्रत का पूर्ण लाभ प्राप्त होता है। ऐसा कहा जाता है कि राधाष्टमी पर व्रत रखने वाले जातकों को कभी धन-धान्य की कमी नहीं होती है। ‌इसके साथ इस दिन राधा रानी से मांगी गई हर एक मुराद पूरी होती है। यह कहा जाता है कि इस दिन राधा रानी की पूजा करने से जीवन में आ रही सभी परेशानियां समाप्त हो जाती हैं । श्री राधा-कृष्ण जिनके इष्टदेव हैं, उन्हें राधाष्टमी का व्रत अवश्य करना चाहिए क्योंकि यह व्रत श्रेष्ठ है। श्री राधाजी सर्वतीर्थमयी एवं ऐश्वर्यमयी हैं। इनके भक्तों के घर में सदा ही लक्ष्मीजी का वास रहता है। जो भक्त यह व्रत करते हैं उन साधकों की जहां सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं मनुष्य को सभी सुखों की प्राप्ति होती है। इस दिन राधाजी से मांगी गई हर मुराद पूरी होती है।
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