By : BoldSky Video Team
Published : November 13, 2021, 12:00
Duration : 02:18

लिपिड क्या हो, फेस एजिंग से लिपिड कैसे बचाता है ?

लिपिड का नाम आपने भी सुना होगा। जब किसी व्यक्ति को कोलेस्ट्रॉल से जुड़ी समस्याएं होती हैं, तो उसका लिपिड प्रोफाइल टेस्ट किया जाता है, जिसमें कई तरह के तत्वों की जांच की जाती है। आमतौर पर लिपिड तीन तत्वों को मिलाकर बनता है, कोलेस्ट्रॉल, सेरामाइड और फैटी एसिड। ये तत्व आप की स्किन में ही मौजूद होते हैं। आपकी स्किन किस हालत में रहती है, उनके जिम्मेदार यह लिपिड ही होते हैं। यह लिपिड स्किन की लोच को बरकरार रखने में मदद करता है। अगर आपकी स्किन में समय से पहले ही एजिंग के लक्षण दिखने को मिलने लगते हैं तो इसका अर्थ है कि आपकी स्किन में कोलेस्ट्रॉल की कमी है। यह बात आपको ध्यान रखनी चाहिए कि स्किन वाला कोलेस्ट्रॉल आपके शरीर के (खून में पाए जाने वाले) कोलेस्ट्रॉल से अलग होता है। फैटी एसिड सभी लिपिड्स के बीच एक संतुलन बनाए रखने में मदद करता है और आपकी स्किन को हेल्दी और जवान रखने में मदद करता है। अगर आप अपनी स्किन की हाइड्रेशन और रुकावट पैदा करने वाले तत्वों को कम करना चाहते हैं तो आपको स्किन के अंदर इस लिपिड की मात्रा भी बढ़ानी होगी। अगर आपकी स्किन काफी ज्यादा रूखी है तो आपकी स्किन में सेरामाइड की कमी पाई जा सकती है। अगर आपकी स्किन हेल्दी है तो इसका अर्थ है आपकी स्किन में यह सब लिपिड पूरी मात्रा में उपलब्ध हैं। दरअसल उम्र बढ़ने के साथ-साथ लिपिड की मात्रा स्किन से कम होने लगती है। इसलिए त्वचा की गुणवत्ता में भी फर्क आने लगता है। लिपिड में आने वाली कमी से स्किन डल होती जाती है और ड्राई स्किन और एजिंग के लक्षण भी साइड इफेक्ट के रूप में दिखने लगते हैं। इसलिए आप अगर लिपिड की मात्रा को अपनी स्किन में बरकरार रखना चाहते है तो लिपिड ट्रीटमेंट ले सकते हैं। लिपिड के उपचार के दौरान ध्यान रखें कि इसमें कोलेस्ट्रॉल और फैटी एसिड और सेरेमाइड की मात्रा 1:1:2 हो।
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